बस्तर पंडुम 2026 के शुभारंभ पर राष्ट्रपति मुर्मु बोलीं- छत्तीसगढ़ आना घर जैसा लगता है
जगदलपुर. लालबाग मैदान में आयोजित बस्तर पंडुम 2026 का शुभारंभ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने किया. आदिवासी बहुल बस्तर में राष्ट्रपति की मौजूदगी ने इस आयोजन को केवल सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि आत्मगौरव और पहचान का उत्सव बना दिया. अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने कहा कि छत्तीसगढ़ आना उन्हें हमेशा घर जैसा लगता है. उन्होंने बस्तर की संस्कृति को प्राचीन और सबसे मीठी बताते हुए कहा कि यहां के लोग बस्तर पंडुम को केवल आयोजन नहीं, बल्कि उत्सव की तरह जीते हैं. राष्ट्रपति ने बस्तर की प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक विरासत और जनजातीय जीवनशैली को देश के लिए अमूल्य धरोहर बताया.
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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बस्तर में दशकों तक चले नक्सलवाद का जिक्र करते हुए कहा कि हिंसा के कारण आदिवासी समाज को लंबे समय तक नुकसान उठाना पड़ा. लेकिन अब बस्तर नक्सल मुक्त होने की दिशा में आगे बढ़ रहा है. बड़ी संख्या में नक्सली आत्मसमर्पण कर रहे हैं और विकास का रास्ता खुल रहा है. उन्होंने हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटने वालों का स्वागत किया और लोगों से भटकाने वाली बातों से दूर रहने की अपील की. राष्ट्रपति का यह संदेश बस्तर के सामाजिक बदलाव और लोकतांत्रिक भरोसे का मजबूत संकेत माना जा रहा है.





