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कवि कुमार विश्वास ने विनोद कुमार शुक्ल को अर्पित की श्रद्धांजलि, बिलासपुर में आयोजित कवि सम्मेलन हुआ स्थगित

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के साहित्यिक संसार के लिए यह शाम शब्दों की नहीं, संवेदना की हो गई। ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित प्रख्यात हिंदी साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल के निधन की सूचना मिलते ही बिलासपुर में राज्य युवा महोत्सव के अंतर्गत आयोजित अखिल भारतीय कवि सम्मेलन को स्थगित कर दिया गया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उप मुख्यमंत्रीगण और अतिथियों ने इसे साहित्य के प्रति सम्मान का निर्णय बताया।

छत्तीसगढ़ ने साहित्य के तपस्वी विनोद कुमार शुक्ल को नमन किया। बिलासपुर में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री साय और कवि कुमार विश्वास ने श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर कोई काव्य पाठ नहीं हुआ, केवल उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। कार्यक्रम में साहित्य जगत के कई लोग उपस्थित थे और उन्होंने भी अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

सिविल लाइन स्थित पुलिस मैदान में खेल एवं युवा महोत्सव में मंगलवार को वह क्षण तब आया, जब उत्सव का वातावरण अचानक शोक में बदल गया। जैसे ही साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल के निधन की सूचना मंच तक पहुंची, आयोजन की प्रकृति पर पुनर्विचार किया गया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उपमुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू सहित मंचासीन अतिथियों ने शुक्ल जी के छायाचित्र पर पुष्पमाला अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और दो मिनट का मौन धारण किया। मंच पर कवि कुमार विश्वास भी मौजूद थे।

उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने स्पष्ट कहा कि ऐसे समय में कवि सम्मेलन आयोजित करना उचित नहीं होगा। यह निर्णय साहित्य के प्रति सम्मान और संवेदना का प्रतीक है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने संबोधन में कहा कि युवा महोत्सव का शुभारंभ हुआ है और आने वाले समय में 2026 में खेलो इंडिया जैसे बड़े आयोजन भी प्रस्तावित हैं, लेकिन आज का दिन साहित्य के एक युग को नमन करने का है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. कुमार विश्वास सहित सभी विख्यात कवियों को सुनने का अवसर आज था, पर विनोद कुमार शुक्ल का निधन हिंदी साहित्य के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने स्मरण कराया कि प्रदेश स्थापना दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी शुक्ल जी के स्वास्थ्य की जानकारी ली थी। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि डा. कुमार विश्वास का कवि सम्मेलन आगामी दो-ढाई महीनों में पुनः आयोजित किया जाएगा।

मंच से कुमार विश्वास ने कहा कि भारत व विश्व में सांस्कृतिक चेतना को कल पढ़ा और देखा जाएगा। छत्तीसगढ़ के लोग भावनात्मक रूप से जुड़ने के साथ सहनशील और भगवान श्रीराम के ननिहाल के लोग हैं। शोक की इस सूचना के बाद मैं आप लोगों को यह भी आश्वस्त करता हूं कि होली के बाद अपने-अपने राम के माध्यम से इसी तरह के पंडाल पर मिलूंगा। हो सकता है बहुत सारी युवा पीढ़ी इस तपस्वी को नहीं जानते होंगे। लेकिन, यहां उपस्थित भीड़ अब इन्हें अच्छी तरह जान पाएगी। मैं इस पुण्य आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।

इंस्टाग्राम पर भी भावुक संदेश
कवि डॉ. कुमार विश्वास ने इंस्टाग्राम पर लिखा कि वे रायपुर से बिलासपुर कवि सम्मेलन के लिए रवाना थे, तभी विनोद कुमार शुक्ल के गोलोकगमन का समाचार मिला। उन्होंने लिखा कि 15 हजार से अधिक श्रोताओं के लिए कविता न सुना पाना दुखद है, लेकिन शब्दों के तपस्वी के निधन के बाद काव्य-मंच सजाना उचित नहीं होता। यह निर्णय मुख्यमंत्री से संवाद के बाद लिया गया।

साहित्य के लिए लिया गया निर्णय
राज्य युवा महोत्सव के अंतर्गत आयोजित कवि सम्मेलन को स्थगित करना केवल प्रशासनिक निर्णय नहीं, साहित्यिक मर्यादा का संकेत माना गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि विनोद कुमार शुक्ल छत्तीसगढ़ के सच्चे सपूत थे और उनकी कमी कभी पूरी नहीं हो सकती। ईश्वर से प्रार्थना की गई कि दिवंगत आत्मा को शांति और परिवार को इस दुख को सहने की शक्ति मिले।

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